नई दिल्ली/पटना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) के दौरान विपक्ष और विशेषकर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) पर करारा हमला बोला। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की दूरदर्शी नीतियों (Visionary Policies) और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण देश से नक्सलवाद (Naxalism) को लगभग जड़ से समाप्त कर दिया गया है, लेकिन दुर्भाग्यवश देश के कुछ लोग और नेता आज भी वैचारिक रूप से मानसिक या ‘दिमागी नक्सली’ (Mental Naxals / Urban Naxals) बने हुए हैं
दिमागी नक्सल’ विवाद पर विपक्ष को घेरा
यह विवाद स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर प्रधानमंत्री के भाषण के बाद बढ़ा, जिसमें उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलताओं का उल्लेख किया था। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) की एक टिप्पणी आई, जिस पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने उनकी सोच को “शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना” (Shameful and Irresponsible) बताया।
भाजपा सांसद (BJP MP) ने कहा कि जो लोग दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में बैठकर नक्सली हिंसा (Naxalite Violence) को वैचारिक और आर्थिक समर्थन (Intellectual and Financial Support) प्रदान करते हैं, वही असली अर्बन नक्सल (Urban Naxals) हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी (Congress Party) राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश विरोधी और अलगाववादी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले तत्वों के समर्थन में खड़ी दिखाई देती है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौटी शांति
सुरक्षा स्थिति पर बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कभी बस्तर (Bastar) और बिहार के जहानाबाद (Jehanabad) जैसे इलाकों में जहाँ कभी लाल आतंक (Red Terror) का खौफ था और तिरंगा फहराना भी मुश्किल था, आज वहां शांति और विकास (Peace and Development) का माहौल है। माओवादी विचारधारा (Maoist Ideology) जो बंदूक की नोक पर सत्ता हथियाने का सपना देखती थी, उसे मोदी सरकार ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने मांग की कि पूर्व गृह मंत्री को देश के सुरक्षा बलों और जवानों के बलिदान का सम्मान करते हुए ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों से बचना चाहिए और अपनी टिप्पणी पर तुरंत स्पष्टीकरण देना चाहिए।

