बिहपुर क्षेत्र में नागपंचमी का पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। मां भगवती के दरबार में दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। खासकर गांव की बेटियां अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद लेती हैं।
मान्यता है कि इस मंदिर की महिमा आसपास के कई जिलों में प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां सर्पदंश से पीड़ित कई लोगों को मां भगवती की कृपा से स्वस्थ होने की आस्था जुड़ी हुई है। यही वजह है कि नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है।
नागपंचमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर दूर बसे परिवारों के लोग भी अपने गांव लौटते हैं और परिवार के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था को लेकर आयोजन समिति एवं स्थानीय लोगों की ओर से तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर सुख, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
आस्था, परंपरा और पारिवारिक मिलन का यह पर्व बिहपुर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है। नागपंचमी के अवसर पर मां भगवती के दरबार में श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ इस विश्वास की गवाही देती है कि आज भी लोगों की आस्था और परंपराएं पूरी मजबूती के साथ जीवंत हैं।

