बिहपुर दक्षिण पंचायत (सोनवर्षा, वार्ड नंबर 1) की रहने वाली खुशबू देवी मूलतः एक गृहिणी रही हैं। उनके पति, श्री सर्वेश कुमार, पेशे से एक किसान हैं। एक साधारण परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए खुशबू ने अपने पति की सलाह पर कृषि क्षेत्र में कुछ नया करने की ठानी। यहीं से उनके मशरूम उत्पादन के सफर की शुरुआत हुई।
प्रशिक्षण और विशेषज्ञता
खुशबू देवी ने अपनी कुशलता को निखारने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर से कौशल विकास कार्यक्रम के तहत 30 दिवसीय मशरूम उत्पादन का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उनके भीतर के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जगाया, जिसका परिणाम उनके आगामी नवाचारों में देखने को मिला।
उपलब्धियां और सम्मान
- मास्टर ट्रेनर: 2020 से अब तक उन्होंने पूरे भागलपुर जिले में लगभग 3000 महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
- प्रखंड उद्यमी सम्मान (2025): 21 मार्च 2025 को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 12वें ‘बिहार उद्यमिता सम्मेलन’ में उद्योग मंत्री नितिन मिश्रा द्वारा उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।
- नवाचारी किसान सम्मान (2026): मार्च 2026 में सबौर के राष्ट्रीय किसान मेले में उन्हें उनके वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए सम्मानित किया गया।
- अन्य पुरस्कार: उन्हें 2021 और 2023 (जीवन जागृति सोसायटी द्वारा) में ‘बेस्ट महिला कृषक’ के अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
खुशबू देवी की सबसे बड़ी विशेषता उनका नवाचारी (Innovative) प्रयोग है। उन्होंने मक्के के डंठल का उपयोग करके जैविक खाद तैयार की और उस खाद की मदद से बटन मशरूम के उत्पादन में 20% की वृद्धि दर्ज की। कृषि अपशिष्ट के इस बेहतरीन प्रबंधन ने उन्हें कृषि विशेषज्ञों के बीच एक अलग पहचान दिलाई है।
उत्पाद श्रृंखला: रसोई से बाजार तक
खुशबू देवी केवल मशरूम नहीं उगातीं, बल्कि उन्होंने मशरूम के वैल्यू-डेड प्रोडक्ट्स (Value-added products) की एक लंबी श्रृंखला तैयार की है, जिसमें शामिल हैं:
- ताजा मशरूम: ओयेस्टर, मिल्की और बटन मशरूम।
- खाद्य उत्पाद: मशरूम पाउडर, बड़ी, अचार, नमकीन, और बिस्कुट।
- नवाचारी उत्पाद: मशरूम बेसन, मशरूम आटा, मशरूम जैम और मशरूम आमजूस।
